Sunday, 19 April 2015

कांग्रेस की किसान रैली किसानो के लिये नही बल्कि कांग्रेस और गांधी परिवार के अस्तित्व को बचाने के लिये की जा रही है



कांग्रेस की किसान रैली किसानो के लिये नही बल्कि
कांग्रेस और गांधी परिवार के अस्तित्व को बचाने के
लिये की जा रही है, अगर कांग्रेस को किसानो की
इतनी ही चिन्ता होती तो रैली का समय 12 अप्रैल
से 19 अप्रैल राहुल गांधी के लिये न बदलता, सोनिया
गांधी को अगर किसानो की इतनी ही चिन्ता होती
तो वो बीजेपी शासित राज्यो के साथ कांग्रेस और
तीसरे मोर्चे शासित राज्यो के किसानो से भी
मिलती जबकि बेमौसम बारिश की वजह से आत्महत्या
करने वाले किसानो में 90% किसान यूपी के है पर ये
वहाँ झाँकने भी नही गयी
राहुल गांधी को अगर किसानो की इतनी ही चिन्ता
होती तो राहुल गांधी अपना विश्व भ्रमण बीच में ही
छोड़कर देश आते जबकि मोदी किसानो के लिये मुआवजा
डेढ़ गुना बढ़ाकर विदेश गये और किसानो को भरपूर
बिजली उपलब्ध कराने के लिये विदेश जाकर कनाडा से
यूरेनियम का समझौता किया ताकि किसानो को
बिजली मिल सके, अगर कांग्रेस को किसानो की
चिन्ता होती तो कटाई के समय रैली न करते
अब किसान बाकि फसल की कटाई करे या इनका भाषण
सुनने दिल्ली आये ?

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